Wednesday 12th of December 2018 04:21:35 PM
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झारखंड में आदिवासियों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने की मांग पर भाजपा कार्यसमिति मुहर लगा सकती है।

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झारखंड में आदिवासियों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने की मांग पर भाजपा-Breaking News

झारखंड में आदिवासियों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने की मांग पर भाजपा कार्यसमिति मुहर लगा सकती है।

आनंद मिश्र, रांची। धर्म परिवर्तन कर परंपरागत रीति रिवाज और संस्कृति बदल चुके आदिवासियों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने की मांग पर भाजपा कार्यसमिति मुहर लगा सकती है। रांची में छह जुलाई को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में धर्मांतरण कर चुके आदिवासियों का आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर विशेष प्रस्ताव पेश करने और इसे लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर गंभीरता से मंथन किया जाएगा।

इससे पूर्व धर्मांतरण बिल पर भी भाजपा ने पलामू की कार्यसमिति में ऐसी ही पहल की थी, जिसे कानूनी दर्जा मिला। धर्म बदलने वाले और अपनी रीति रिवाज व संस्कृति को छोड़ चुके आदिवासियों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने के मसले पर सरकार ने तकरीबन नीतिगत निर्णय ले लिया है और अब इसका राजनीतिक लाभ लेकर मास्टर स्ट्रोक खेलने की तैयारी है। आदिवासी हितों को ले सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव चरम पर है। ऐसे में धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने की मांग रख भाजपा सरना आदिवासियों की बड़ी जमात को अपने पक्ष में करने में जुटी है। झारखंड में सरना आदिवासियों की संख्या 22 फीसद और धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन चुके आदिवासियों की संख्या चार फीसद बताई जाती है। सरना आदिवासियों की संख्या अब भी काफी बड़ी है।

झारखंड में आदिवासियों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने की मांग पर भाजपा-Breaking News

धर्म बदलने वाले व अपनी रीति रिवाज व संस्कृति को छोड़ चुके आदिवासियों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने के मसले पर सरकार ने निर्णय लिया है।

भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि उनका यह मास्टर स्ट्रोक आदिवासी तबके में उनकी पैठ को मजबूत करेगा। विपक्ष के भाजपा के इस दांव में उलझने की संभावना है। विपक्षी दल न तो खुलकर विरोध करने की स्थिति में होंगे और न ही समर्थन करने की स्थिति में। फिलहाल जो खाका बुना गया है उसके अनुसार प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के एक दिन पूर्व इस एजेंडे पर कोर टीम के साथ सहमति बनाई जाएगी और अगले दिन पार्टी के आदिवासी नेता इस प्रस्ताव को कार्यसमिति बैठक में पेश करेंगे। कार्यसमिति बैठक में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष समीर उरांव और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष राम कुमार पाहन जैसे आदिवासी नेता इस प्रस्ताव को पेश कर सकते हैं।

इन दोनों ही नेताओं के नेतृत्व में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने गत 22 जून को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर धर्म परिवर्तन करने वालों को आरक्षण के लाभ से वंचित किए जाने की मांग की थी। मोर्चा ने इस संबंध में केरल राज्य एवं अन्य बनाम चंद्रमोहन मामले का हवाला भी दिया था। कहा था कि वहां न्यायालय ने निर्देश दिया है कि अनुसूचित जनजाति आदेश 1950 के परिक्षेत्र के भीतर लाए जाने के पूर्व किसी व्यक्ति को जनजाति का सदस्य होने की शर्त पूर्ण करना होगा। एक धर्म से दूसरे धर्म अपनाने की स्थिति में जनजाति का सदस्य स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। कार्यसमिति की बैठक में भी इसे ही आधार बनाया जाएगा।

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