NASA:61 लाख किमी दूर तक मिशन भेजेगा नासा,सूर्य की सतह तक जाएगा अंतरिक्ष यान

0
55
NASA:61 लाख किमी दूर तक मिशन भेजेगा नासा,सूर्य की सतह तक जाएगा अंतरिक्ष यान

न्यूयॉर्क| अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अगले महीने सूर्य के वातावरण जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए पहली बार मिशन लॉन्च करेगी। फिलहाल इसकी लॉन्चिंग के लिए 6 अगस्त की तारीख तय की गई है। जिस स्पेसक्राफ्ट को सूर्य के करीब भेजा जाएगा, उसे अमेरिकी वैज्ञानिक यूजीन न्यूमैन पार्कर के नाम पर ‘पार्कर सोलर प्रोब’ नाम दिया गया है। 9 फीट 10 इंच लंबे और 612 किलो वजन वाले इस स्पेसक्राफ्ट को फ्लोरिडा स्थित केप केनवेरल से लॉन्च करने की तैयारियां आखिरी चरण में है। इसके जरिए वैज्ञानिक सूर्य से निकलने वाली किरणों और उनसे पैदा होने वाले सौर आंंधी पर शोध करना चाहते हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अगले महीने सूर्य के वातावरण जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए पहली बार मिशन लॉन्च करेगीनासा इस सात वर्षीय मिशन में 1.5 अरब डॉलर (करीब 10 हजार करोड़ रुपए) खर्च कर रहा है। स्पेसक्राफ्ट सूर्य की कक्षा तक 2024 में पहुंचेगा, जिसके बाद ये 1 साल तक सूर्य के करीब रहकर अलग-अलग जानकारियां जुटाएगा। नासा इस यान को सूर्य से सिर्फ 61 लाख किलोमीटर की दूरी पर स्थापित करेगा। इससे पहले सूर्य की सबसे करीबी दूरी से 1976 में हिलियोस-2 नाम का यान गुजरा था। हालांकि, वो भी सूर्य से करीब 4.3 करोड़ किमी की दूरी से निकला था यानी पार्कर प्रोब उसके मुकाबले सूर्य से 7 गुना ज्यादा करीब रहेगा।

और भी पढ़े–रूस: राष्ट्रपति पुतिन के दिए गये गिफ्ट की हो रही है जांच

कैसे पहुंचेगा नासा का स्पेसक्राफ्ट?- नासा के लिए ये अपनी तरह का अलग मिशन है, क्योंकि सूर्य के आसपास गर्म तापमान क्षेत्र में पहुंचते ही कोई भी स्पेसक्राफ्ट पिघल सकता है। शुक्रवार को न्यूज कॉन्फ्रेंस में प्रोजेक्ट से जुड़ी वैज्ञानिक निकोला फॉक्स ने बताया कि पार्कर सोलर प्रोब को गर्मी और रेडिएशन से बचाने के लिए इसमें कार्बन की बनी हीट शील्ड्स लगाई गई हैं, जो इसके उपकरणों को गर्म से गर्म तापमान में भी 29 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रख सकता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सूर्य के इतना करीब स्पेसक्राफ्ट को 1370 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान झेलना पड़ेगा। क्या काम करेगा पार्कर सोलर प्रोब?- नासा का ये स्पेसक्राफ्ट सूर्य तक करीब 7 लाख किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पहुंचेगा। पृथ्वी पर इस रफ्तार से सिर्फ 7 सेकंड में दिल्ली से मुंबई तक की दूरी तय की जा सकती है। सूर्य की कक्षा में स्थापित होने के बाद पार्कर सोलर प्रोब सूर्य की किरणों और उससे उठने वाले सौर हवाओं की जांच करेगा। सौर हवाएं पृथ्वी से करोड़ों किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गुजरती हैं और अंतरिक्ष का तापमान बदलने में इनकी अहम भूमिका है। इनके चलते पृथ्वी का तापमान भी प्रभावित होता है। अंतरिक्ष का तापमान आम लोगों के लिए नया है, लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि इसकी वजह से पृथ्वी को बिना किसी चेतावनी के 2 खरब डॉलर्स से भी ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही इसकी वजह से दुनियाभर के कई देशों में 1 साल या उससे ज्यादा समय के लिए बिजली पूरी तरह से खत्म हो सकती है।

-For all types of NewsLatest News and Breaking News from the world of PoliticsSports and Entertainment, of our Nation and Worldwide, stay tuned to Netaaji.news and bookmark this page for instant News.